Politics
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21 Feb 2026, 18:46
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आजमगढ़: 'भुअर अखाड़ा' ने फूंका फिल्मों के खिलाफ बिगुल, कहा- "सम्मान से खिलवाड़ हुआ तो ईंट से ईंट बजा देंगे"
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Admin
रिपोर्टर, द पब्लिक एक्सप्रेस
आजमगढ़ में भुअर अखाड़ा ने फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' और 'घुसखोर पंडित' के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पहलवानों ने दी ईंट से ईंट बजाने की चेतावनी, मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट। पूरी खबर पढ़ें।"
आजमगढ़: फिल्म इंडस्ट्री में जातियों को निशाना बनाने के ट्रेंड के खिलाफ अब भुअर अखाड़ा ने मोर्चा खोल दिया है। आजमगढ़ में प्रस्तावित फिल्मों— 'यादव जी की लव स्टोरी' और 'घुसखोर पंडित' के खिलाफ भुअर अखाड़ा के जांबाज पहलवानों और यादव समाज के युवाओं ने कलेक्ट्रेट पर जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया। अखाड़े के पदाधिकारियों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर जातियों का अपमान अब और बर्दाश्त नहीं होगा।
भुअर अखाड़ा की हुंकार: "हम पहलवान हैं, अपनी ताकत दिखाना जानते हैं"
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भुअर अखाड़ा के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को हिला कर रख दिया। उन्होंने मीडिया से बेबाकी से कहा, "हम लोग पहलवानी करते हैं और अपने मान-सम्मान के लिए लड़ना जानते हैं। अगर किसी फिल्मकार को लगता है कि वो हमारे समाज के नाम का इस्तेमाल कर अपनी जेबें भर लेगा और हम खामोश रहेंगे, तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है।"
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सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा भुअर अखाड़ा का संघर्ष
भुअर अखाड़ा ने इस लड़ाई को सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं रखा है। अखाड़े की ओर से स्पष्ट किया गया कि:
कानूनी जंग: विवादित फिल्म के नाम के खिलाफ 20 तारीख को ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की जा चुकी है।
आर-पार की लड़ाई: अखाड़े ने साफ कर दिया है कि वे जंतर-मंतर से लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत तक इस अपमान के खिलाफ लड़ेंगे।
सीधी मांग: फिल्मों के शीर्षक से जातिसूचक और अपमानजनक शब्द तुरंत हटाए जाएं।
"राजनीति नहीं, समाज का स्वाभिमान सर्वोपरि"
भुअर अखाड़ा के पदाधिकारियों ने राजनीतिक दलों की चुप्पी पर भी गहरा रोष जताया। उन्होंने कहा कि जब समाज के गौरव पर हमला हो रहा है, तो सत्ता और विपक्ष के नेता वोट बैंक की राजनीति के कारण मौन धारण किए हुए हैं। अखाड़े ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यह आंदोलन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है और समाज के हर वर्ग के स्वाभिमान की रक्षा के लिए है।
प्रशासन को चेतावनी: "जल्द हो कार्रवाई वरना आंदोलन होगा व्यापक"
अंबेडकर पार्क में जोरदार प्रदर्शन के बाद भुअर अखाड़ा ने जिलाधिकारी के माध्यम से सेंसर बोर्ड (CBFC) को ज्ञापन भेजकर फिल्मों के आपत्तिजनक अंशों को हटाने की मांग की। अखाड़े के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और शासन स्तर पर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो भुअर अखाड़ा इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में फैलाने के लिए मजबूर होगा।
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