Azamgarh ATM Fraud: गंभीरपुर में पुलिस मुठभेड़, कैश टैपिंग गैंग के 2 शातिर गिरफ्तार
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रिपोर्टर, द पब्लिक एक्सप्रेस
Azamgarh ATM Fraud: गंभीरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में इनामी घायल और दूसरा साथी गिरफ्तार
आजमगढ़ (Azamgarh News): उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में Gambhirpur Police ने एटीएम मशीनों में छेड़छाड़ कर लोगों की मेहनत की कमाई उड़ाने वाले एक बड़े अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सोमवार को दो अलग-अलग कार्रवाई में गिरोह के सरगना समेत दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
इस Azamgarh ATM Fraud गैंग के खिलाफ पुलिस का एक्शन सोमवार तड़के शुरू हुआ जो दोपहर तक जारी रहा। पहली कार्रवाई में पुलिस मुठभेड़ (Encounter) के दौरान मुख्य आरोपी घायल हुआ, जबकि दूसरी कार्रवाई में दोपहर के वक्त उसके साथी को घेराबंदी कर दबोच लिया गया।
तड़के 3 बजे हुई पुलिस मुठभेड़ (Police Encounter)
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान, गंभीरपुर थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह को मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना थी कि एटीएम लूट की घटनाओं में शामिल बदमाश अर्टिगा कार से आ रहे हैं। पुलिस ने रोहुआ मुस्तफाबाद के पास घेराबंदी की।
खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में संजय कुमार (33) निवासी सुल्तानपुर के बाएं पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया।

दोपहर में दूसरा साथी भी चढ़ा पुलिस के हत्थे
मुठभेड़ के बाद पुलिस टीम फरार साथियों की तलाश में जुटी थी। Azamgarh Police की सक्रियता के चलते दोपहर करीब 1:00 बजे गिरोह का दूसरा सदस्य रामनरेश वर्मा उर्फ मगरूं पुलिस के जाल में फंस गया।
उपनिरीक्षक विपिन द्विवेदी और सर्विलांस टीम ने मुखबिर की सूचना पर हरईरामपुर कट के पास से रामनरेश को गिरफ्तार किया। वह भी सुल्तानपुर जिले के अखण्डनगर का रहने वाला है।
क्या है 'कैश टैपिंग' का तरीका? (Modus Operandi)
यह गिरोह ATM Cash Tapping (स्कीमिंग) के जरिए ठगी करता था। पूछताछ में शातिर अपराधियों ने बताया कि वे एटीएम मशीन के 'कैश डिस्पेंसर' (जहां से नोट निकलते हैं) पर एक विशेष प्लास्टिक की स्ट्रिप या एल्युमिनियम की पट्टी चिपका देते थे।
"जब कोई ग्राहक पैसा निकालने आता, तो मशीन कैश काउंट करती थी, लेकिन डिस्पेंसर के मुंह पर लगी पट्टी (Tape) में नोट फंस जाते थे और बाहर नहीं आते थे। ग्राहक के जाते ही ये बदमाश पट्टी हटाकर फंसा हुआ कैश निकाल लेते थे।"
यह मामला तब प्रकाश में आया जब यूनियन बैंक के मैनेजर ने सीसीटीवी फुटेज में डिवाइस लगाते हुए एक संदिग्ध को देखा और Gambhirpur Police को सूचित किया।
भारी मात्रा में उपकरण और कार बरामद
पुलिस ने इस Azamgarh ATM Fraud गैंग के पास से बरामदगी की लंबी लिस्ट जारी की है:
- वाहन: 01 अर्टिगा कार (UP 44 BR 0699)
- हथियार: 01 अवैध तमंचा, 2 जिंदा कारतूस और 4 खोखा।
- ठगी के उपकरण: 11 प्लास्टिक स्ट्रिप, 1 सांचा, कटर मशीन, मेटल कटर, टेस्टर, एल्युमिनियम स्ट्रिप, डबल साइड टेप।
- कैश: 3 एटीएम कार्ड और 3540 रुपये नकद।
13 मुकदमों का इतिहास
गिरफ्तार अभियुक्त संजय कुमार और रामनरेश वर्मा पेशेवर अपराधी हैं। संजय के खिलाफ बस्ती, लखनऊ, अंबेडकर नगर और जौनपुर समेत विभिन्न जिलों में करीब 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, रामनरेश पर भी सुल्तानपुर और आजमगढ़ में 3 मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई से Azamgarh में एटीएम उपयोगकर्ताओं ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि एटीएम इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें और कोई भी संदिग्ध वस्तु दिखने पर तुरंत सूचना दें।
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👉 UP Police की आधिकारिक वेबसाइट पर सुरक्षा निर्देश देखें: uppolice.gov.in
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