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​UP News: योगी सरकार का बड़ा फैसला, अब इस 'परमवीर' के नाम से जाना जाएगा आजमगढ़ बस स्टेशन; 1962 के युद्ध में छुड़ाए थे चीनियों के छक्के!
Politics 15 Feb 2026, 18:21 👁️ 2 व्यूज

​UP News: योगी सरकार का बड़ा फैसला, अब इस 'परमवीर' के नाम से जाना जाएगा आजमगढ़ बस स्टेशन; 1962 के युद्ध में छुड़ाए थे चीनियों के छक्के!

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Admin

रिपोर्टर, द पब्लिक एक्सप्रेस

आजमगढ़ बस स्टेशन का नाम बदलकर अब शहीद नायब सूबेदार सौदागर सिंह के नाम पर कर दिया गया है। योगी सरकार ने 1962 के वीर चक्र विजेता योद्धा को यह बड़ा सम्मान दिया है।

आजमगढ़ (द पब्लिक एक्सप्रेस): उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आजमगढ़ जिले को एक बड़ी सौगात देते हुए शहर के मुख्य बस स्टेशन का नाम बदल दिया है। अब आजमगढ़ का बस स्टैंड देश के महान सपूत और 1962 के भारत-चीन युद्ध के नायक 'वीर चक्र' विजेता शहीद नायब सूबेदार सौदागर सिंह के नाम से जाना जाएगा। शासन के इस फैसले के बाद जिले भर में खुशी और गर्व की लहर है।

कौन थे शहीद नायब सूबेदार सौदागर सिंह? आजमगढ़ की सगड़ी तहसील के पुनापार गांव के रहने वाले नायब सूबेदार सौदागर सिंह भारतीय सेना के वो जांबाज योद्धा थे, जिनकी वीरता की गाथा आज भी सेना के गलियारों में सुनाई जाती है। 1962 का युद्ध: भारत-चीन युद्ध के दौरान उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मन सेना की 12 राइफलें छीनकर भारतीय सेना के कैंप में जमा कराई थीं। उनकी इस बहादुरी के लिए भारत सरकार ने उन्हें 'वीर चक्र' से सम्मानित किया था। शहादत: साल 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए वे वीरगति को प्राप्त हुए थे। परिवार की मेहनत लाई रंग शहीद सौदागर सिंह के परिवार, विशेषकर उनकी पौत्र वधु सुनीता सिंह लंबे समय से इस मांग को लेकर प्रयासरत थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से मुलाकात कर बस स्टेशन का नाम शहीद के नाम पर रखने की गुहार लगाई थी। सरकार ने अब आधिकारिक तौर पर इसकी मंजूरी दे दी है। सिर्फ नाम बदला, डिपो वही रहेगा परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शासन के आदेश के बाद अब बस स्टेशन के मुख्य गेट और भवन पर 'शहीद नायब सूबेदार सौदागर सिंह बस स्टेशन' का बोर्ड लगाया जाएगा। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल 'बस स्टेशन' का नाम बदला गया है, जबकि 'आजमगढ़ डिपो' और वर्कशॉप का नाम पहले की तरह ही रहेगा। यात्रियों को मिलने वाली टिकटों पर भी फिलहाल कोई तकनीकी बदलाव नहीं किया गया है। आजमगढ़ बस स्टेशन का नाम एक वीर योद्धा के नाम पर रखे जाने से स्थानीय निवासियों और पूर्व सैनिकों में भारी उत्साह है। लोगों का कहना है कि यह शहीद के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है और इससे आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा की प्रेरणा मिलेगी।

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