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आजमगढ़: मुबारकपुर में 'भेड़िया' बने आवारा कुत्ते, एक रात में उजाड़ दी गरीब की गृहस्थी; 60 भेड़ों के खून से लाल हुआ अहाता
Politics 23 Feb 2026, 11:59 👁️ 1 व्यूज

आजमगढ़: मुबारकपुर में 'भेड़िया' बने आवारा कुत्ते, एक रात में उजाड़ दी गरीब की गृहस्थी; 60 भेड़ों के खून से लाल हुआ अहाता

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Admin

रिपोर्टर, द पब्लिक एक्सप्रेस

आजमगढ़ (द पब्लिक एक्सप्रेस): जनपद के मुबारकपुर क्षेत्र से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पशुपालकों के साथ-साथ आम जनता को भी दहशत में डाल दिया है। रविवार की आधी रात को जब पूरा गाँव सो रहा था, तब आवारा कुत्तों के एक खूंखार झुंड ने 'भेड़ियों' की तरह हमला कर एक गरीब किसान के जीवन भर की कमाई को चंद मिनटों में ढेर कर दिया। गड़ेरिया लोहिया ग्राम में हुए इस तांडव में 50 से अधिक भेड़ों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दर्जन भर भेड़ें मौत से जूझ रही हैं।

मौत का मंजर: 2 बजे रात को अहाते में घुसा 'काल'

​अतरडीहा निवासी महातम पाल अपनी भेड़ों को ही अपनी संतान की तरह पालते थे। रविवार की रात करीब 2 बजे, जब सन्नाटा पसरा था, तभी अचानक खूंखार कुत्तों के एक झुंड ने महातम के अहाते पर धावा बोल दिया। कुत्तों का हमला इतना हिंसक और सुनियोजित था कि भेड़ों को भागने का मौका तक नहीं मिला।

​कुत्तों ने भेड़ों की गर्दन और पेट को अपना निशाना बनाया। सुबह जब अहाते का दरवाजा खुला, तो मंजर देख कर महातम पाल के पैरों तले जमीन खिसक गई। चारों तरफ खून से लथपथ भेड़ों के शव पड़े थे। 50 से ज्यादा भेड़ों की सांसें थम चुकी थीं और 12 भेड़ें लहूलुहान हालत में तड़प रही थीं।

पशुपालक के अरमानों का कत्लेआम

​महातम पाल के लिए यह सिर्फ पशुओं की मौत नहीं है, बल्कि उनकी आजीविका का कत्लेआम है। एक गरीब पशुपालक के लिए उसकी भेड़ें ही उसकी बैंक एफडी और जमापूंजी होती हैं। इस हमले में महातम को लाखों रुपये का सीधा वित्तीय झटका लगा है। पीड़ित ने रोते हुए बताया कि अब उनके सामने परिवार को दो वक्त की रोटी खिलाने का भी संकट खड़ा हो गया है। आखिर इस भारी नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

ग्रामीणों में आक्रोश: क्या इंसानों की बारी है?

​इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन नगर पालिका और पशुपालन विभाग कुंभकर्णी नींद सोया रहा। लोगों में इस बात का डर है कि अगर आज इन कुत्तों ने 60 भेड़ों को मार डाला है, तो कल ये किसी मासूम बच्चे या बुजुर्ग को अपना निवाला बना सकते हैं।

जांच और मुआवजे की सुस्त रफ्तार

​सूचना मिलने के बाद मुबारकपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर औपचारिकताएं पूरी कीं और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। लेकिन सवाल यह है कि क्या पोस्टमार्टम रिपोर्ट महातम पाल के घर का चूल्हा जला पाएगी? पीड़ित ने जिलाधिकारी (DM) आजमगढ़ से गुहार लगाई है कि आपदा राहत कोष या किसी अन्य सरकारी योजना से उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

द पब्लिक एक्सप्रेस की ग्राउंड रिपोर्ट (निष्कर्ष)

​यह घटना आजमगढ़ प्रशासन के लिए एक "वेक-अप कॉल" है। आवारा कुत्तों का हिंसक होना इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्र में पशु नियंत्रण कार्यक्रम पूरी तरह फेल हो चुके हैं। प्रशासन को केवल पोस्टमार्टम की कागजी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि:

  1. ​पीड़ित पशुपालक को तत्काल मुआवजा दिया जाए।
  2. ​क्षेत्र में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाए।
  3. ​घायल भेड़ों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाए।

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