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Azamgarh News: आजमगढ़ में चल रही थी 'मौत की दुकान'? स्वास्थ्य विभाग की रेड से हड़कंप, नव जीवन हॉस्पिटल का OT सील
Politics 06 Feb 2026, 15:42 👁️ 1 व्यूज

Azamgarh News: आजमगढ़ में चल रही थी 'मौत की दुकान'? स्वास्थ्य विभाग की रेड से हड़कंप, नव जीवन हॉस्पिटल का OT सील

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रिपोर्टर, द पब्लिक एक्सप्रेस

आजमगढ़: कहीं आप भी तो नहीं जा रहे 'मौत की दुकान' में? बाहर से सब चकाचक, लेकिन अंदर... 😱 स्वास्थ्य विभाग की टीम जब 'नव जीवन हॉस्पिटल' के ऑपरेशन थियेटर में घुसी, तो नजारा देख सन्न रह गई! आनन-फा
ýआजमगढ़ (Azamgarh)। धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों की आड़ में कुछ मुनाफेखोरों ने इलाज को 'व्यापार' बना दिया है। लेकिन अब आजमगढ़ में ऐसे 'मौत के सौदागरों' की खैर नहीं! जिलाधिकारी (DM) और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को ऐसा चाबुक चलाया कि जिले के अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया। ताजा मामला नव जीवन हॉस्पिटल (Nav Jeevan Hospital) का है, जहां इलाज के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ का खेल चल रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर (OT) सील कर दिया है। छापेमारी: जब अचानक आ धपकी टीम बुधवार को डिप्टी सीएमओ और निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान के नोडल अधिकारी डॉ. आलेन्द कुमार (Dr. Alendra Kumar) अपनी टीम के साथ जब नव जीवन हॉस्पिटल पहुंचे, तो वहां की हकीकत देख सन्न रह गए। बाहर से चमक-धमक वाले इस अस्पताल के अंदर मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। OT या कबाड़खाना? निरीक्षण में पाया गया कि जिस ऑपरेशन थियेटर में लोगों की सर्जरी होनी चाहिए, वहां गंदगी और अव्यवस्था का अंबार था। न जरूरी उपकरण थे, न ही संक्रमण से बचाव के इंतजाम। तत्काल सील: टीम ने बिना देरी किए ऑपरेशन थियेटर पर सरकारी मुहर लगा दी और उसे सील कर दिया। गनीमत रही कि छापेमारी के वक्त कोई मरीज वहां भर्ती नहीं था, वरना किसी की जान पर बन सकती थी। अहिरौला में भी 'झोलाछाप' पर शिकंजा सिर्फ नव जीवन ही नहीं, स्वास्थ्य विभाग की रडार पर अहिरौला बाजार का पंकज हॉस्पिटल भी आया। नहर के पास चल रहे इस अस्पताल की शिकायतें मिल रही थीं। जांच में खुलासा हुआ कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन तो यूनानी पद्धति (Unani) का है, लेकिन वहां चोरी-छिपे एलोपैथिक इलाज का शक था। हालांकि, मौके पर एलोपैथिक दवाएं नहीं मिलीं, लेकिन संचालक को सख्त चेतावनी दी गई है कि अगर 'लक्ष्मण रेखा' लांघी तो अस्पताल पर ताला जड़ दिया जाएगा। "मरीजों की जान से खेलने नहीं देंगे" नोडल अधिकारी डॉ. आलेन्द कुमार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यह तो बस शुरुआत है। जिले के गली-कूचों में बिना रजिस्ट्रेशन और बिना डिग्री के चल रहे अस्पतालों की अब खैर नहीं। उन्होंने कहा, "आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं होगा। कमियां मिलीं तो सीधे मुकदमा दर्ज होगा और अस्पताल सीज होगा।" यह भी पढ़ें Azamgarh News: लालगंज में 'मौत के सौदागरों' पर छापा! बच्चे की जान लेने वाला अस्पताल सीज, ANM बनी थी 'डॉक्टर'

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