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​आजमगढ़: विदेश में नौकरी के नाम पर ड्रग तस्करी का काला खेल, रानी की सराय पुलिस ने 2 जालसाजों को दबोचा
Politics 12 Apr 2026, 16:51 👁️ 1 व्यूज

​आजमगढ़: विदेश में नौकरी के नाम पर ड्रग तस्करी का काला खेल, रानी की सराय पुलिस ने 2 जालसाजों को दबोचा

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रिपोर्टर, द पब्लिक एक्सप्रेस

आजमगढ़ की रानी की सराय पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ड्रग तस्करी में फंसाने वाले गिरोह के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जानें कैसे युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना।
Azamgarh Crime News: आजमगढ़ की रानी की सराय पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का लालच देकर उन्हें मादक पदार्थों (Drugs) की तस्करी में फंसा देता था। रविवार, 12 अप्रैल 2026 को पुलिस ने इस गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। क्या है पूरा मामला? घटना की शुरुआत 14 मार्च 2026 को हुई थी, जब बिलरियागंज के रहने वाले सुनील यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। सुनील ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा दिया और धोखाधड़ी करते हुए उन्हें ड्रग तस्करी के खतरनाक जाल में फंसा दिया। शुरुआत में पुलिस ने धारा 319(2) और 318(4) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में NDPS एक्ट और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं। बेलइसा से हुई गिरफ्तारी मुखबिर की सटीक सूचना पर उप-निरीक्षक हैदर अली मंसूरी और उनकी टीम ने रविवार सुबह करीब 06:20 बजे ग्राम बेलइसा में घेराबंदी की। पुलिस ने मौके से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया: डॉ. फहीम खाँ (पुत्र कमरुद्दीन खान) आदिल (पुत्र कमरुद्दीन खान) दोनों अभियुक्त मऊ जनपद के थाना घोसी के रहने वाले हैं। पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा: कैसे चलता था नेटवर्क? गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में कुबूल किया कि यह एक पूरा संगठित गिरोह है। उनके मुताबिक: वे संदीप विश्वकर्मा के निर्देश पर काम करते थे। वे प्रतिबंधित सामग्री नसीम आलम उर्फ भोनू को उपलब्ध कराते थे। आगे इस सामग्री को शम्भू यादव उर्फ श्याम यादव के जरिए उन मासूम लोगों तक पहुँचाया जाता था जो विदेश जा रहे होते थे। इस तरह, विदेश जाने वाले व्यक्तियों को अनजाने में ड्रग्स कैरियर (Drug Carrier) बना दिया जाता था, जिससे वे विदेश पहुँचते ही कानून के शिकंजे में फंस जाते थे। पुलिस टीम की तत्परता इस गिरोह को पकड़ने में रानी की सराय थाने के उ.नि. हैदर अली मंसूरी, उ.नि. सूरज तिवारी और कांस्टेबल देवेश गौड़ ने मुख्य भूमिका निभाई। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

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