आजमगढ़: सरकारी धन डकारने वाला आरोपी गिरफ्तार, कृषि विकास योजना के लाखों रुपये के गबन का है मामला
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रिपोर्टर, द पब्लिक एक्सप्रेस
सरकारी धन की बंदरबांट करने वालों पर 'कहर', कृषि विकास योजना में गबन का आरोपी अशोक गुप्ता गिरफ्तार
बरदह, आजमगढ़ : उत्तर प्रदेश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान में आजमगढ़ पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। बरदह थाना पुलिस ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के बजट में सेंधमारी करने वाले शातिर आरोपी अशोक कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर सरकारी धनराशि के गबन का आरोप है और वह पिछले करीब एक साल से पुलिस की पकड़ से दूर चल रहा था।
भ्रष्टाचार का खुलासा: ₹5 लाख के बजट में बड़ी हेराफेरी
भ्रष्टाचार का यह पूरा खेल राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के क्रियान्वयन के दौरान खेला गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में विकास और किसानों की आय बढ़ाना है, लेकिन बिचौलियों और भ्रष्ट मानसिकता के लोगों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया। मामले का आधिकारिक खुलासा तब हुआ जब सहायक विकास अधिकारी (ADO) सौरभ कुमार ने विभाग के वित्तीय दस्तावेजों की जांच की।
जांच और ऑडिट रिपोर्ट में यह पाया गया कि योजना के लिए आवंटित कुल 5 लाख रुपये की धनराशि में से ₹1,36,274.84 का गबन किया गया है। सरकारी पैसे के इस खुर्द-बुर्द की पुष्टि होने के बाद, प्रशासन के निर्देश पर 28 फरवरी 2025 को बरदह थाने में नामजद मुकदमा पंजीकृत कराया गया था।
सुबह 10 बजे पुलिस की दबिश, घेराबंदी कर दबोचा
मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी अशोक कुमार गुप्ता पुत्र देवराज गुप्ता, निवासी ग्राम अबुसईदपुर (थाना गंभीरपुर), अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। रविवार सुबह बरदह थाने के सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार श्रीवास्तव को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि आरोपी अपने घर पर मौजूद है और कहीं बाहर भागने की फिराक में है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया और सुबह करीब 10:00 बजे आरोपी के आवास की घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस कार्यवाही में हेड कांस्टेबल पवन कुमार यादव ने भी मुख्य भूमिका निभाई।
BNS की धारा 316(5): क्या कहता है कानून?
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के तहत विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की है। आपको बता दें कि यह धारा 'लोक सेवक' या किसी व्यक्ति द्वारा विश्वास के आपराधिक हनन (Criminal Breach of Trust) से संबंधित है। यदि कोई व्यक्ति सरकारी संपत्ति या धन का दुरुपयोग करता है, तो उसे इस धारा के तहत कठोर सजा और जुर्माने का प्रावधान है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस गबन में विभाग के किन अन्य छोटे या बड़े अधिकारियों की मिलीभगत थी।
विकास कार्यों में बाधक भ्रष्टाचार
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का पैसा जब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता है, तो इसका सीधा नुकसान उस गरीब किसान को होता है जिसके विकास के लिए यह धन आवंटित किया गया था। लोगों का मानना है कि इस तरह की गिरफ्तारियां न केवल अन्य भ्रष्टाचारियों के लिए चेतावनी हैं, बल्कि यह आम जनता का सरकारी तंत्र पर विश्वास भी बहाल करती हैं। आजमगढ़ पुलिस की यह सक्रियता सराहनीय है, लेकिन गबन की गई पूरी राशि की रिकवरी करना भी एक बड़ी चुनौती है।
विभागीय गलियारों में मचा हड़कंप
अशोक कुमार गुप्ता की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही फैली, संबंधित विभाग के अन्य कर्मचारियों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में कुछ अन्य महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।
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