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07 Apr 2026, 15:11
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Azamgarh Police: 'देवदूत' बनी पुलिस, इंस्टाग्राम सुसाइड अलर्ट पर 8 मिनट में बचाई युवती की जान; दरोगा सम्मानित
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Admin
रिपोर्टर, द पब्लिक एक्सप्रेस
आजमगढ़ पुलिस की तत्परता ने एक 19 वर्षीय युवती की जान बचा ली। मेटा से मिले इंस्टाग्राम सुसाइड अलर्ट पर मात्र 8 मिनट में कार्रवाई करने वाले सब-इंस्पेक्टर जावेद सिद्दिकी को SSP ने सम्मानित किया।
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ पुलिस ने तकनीक और तत्परता के समन्वय से एक अनमोल जीवन बचाने में सफलता हासिल की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम से प्राप्त 'सुसाइड अलर्ट' पर त्वरित कार्रवाई करने वाले थाना सिधारी के उप-निरीक्षक (SI) जावेद सिद्दिकी को उनके इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) द्वारा सम्मानित किया गया है।
मेटा (Meta) से मिला था सुसाइड अलर्ट
घटनाक्रम के अनुसार, बीती 3 अप्रैल 2026 को सिधारी थाना क्षेत्र की एक 19 वर्षीय युवती ने मानसिक तनाव के चलते इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित एक वीडियो पोस्ट किया था। जैसे ही वीडियो अपलोड हुआ, फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा (Meta) ने तत्काल उत्तर प्रदेश पुलिस को अलर्ट भेजा।
मात्र 8 मिनट में पहुंची पुलिस टीम
अलर्ट प्राप्त होते ही आजमगढ़ पुलिस की टीम सक्रिय हो गई। उ0नि0 जावेद सिद्दिकी के नेतृत्व में पुलिस बल मात्र 08 मिनट के भीतर युवती के घर पहुंच गया। वहां युवती बेहोश अवस्था में मिली, जिसे बिना समय गंवाए तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर इलाज मिलने के कारण युवती की जान बच गई।
SSP डॉ. अनिल कुमार ने किया सम्मानित
आज दिनांक 07 अप्रैल 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पुलिस कार्यालय में उ0नि0 जावेद सिद्दिकी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह एवं क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर कौस्तुभ त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।
SSP महोदय ने कहा कि सोशल मीडिया से प्राप्त संवेदनशील सूचनाओं पर आजमगढ़ पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई पुलिसिंग का मानवीय चेहरा पेश करती है। उपचार के बाद पुलिस द्वारा युवती की काउंसलिंग भी की गई, जिसके बाद उसने दोबारा ऐसा कदम न उठाने का वादा किया है।
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