आजमगढ़: सुदनीपुर के पास सड़क हादसे में युवक की मौत, अज्ञात वाहन की टक्कर से बुझा घर का चिराग
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रिपोर्टर, द पब्लिक एक्सप्रेस
आजमगढ़: रफ्तार का कहर और सड़कों पर दौड़ते अनजान 'यमराज' मासूम लोगों की जान लेने पर उतारू हैं। ताज़ा मामला रौनापार थाना क्षेत्र के लाटघाट-रौनापार मार्ग का है, जहाँ सुदनीपुर के पास एक दर्दनाक हादसे ने एक हँसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है।
क्या हुआ शनिवार की उस काली रात को?
खबर है रौनापार के रोशनगंज गांव की। यहाँ के रहने वाले मनोज यादव (30 वर्ष), जो कि सुरेश यादव के बड़े बेटे थे, शनिवार की शाम अपना काम निपटा कर जीयनपुर से घर लौट रहे थे। उन्हें क्या पता था कि घर की दहलीज पर पहुँचने से पहले ही मौत उनका रास्ता रोके खड़ी है।
जैसे ही मनोज की बाइक सुदनीपुर के पास पहुँची, सामने से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उन्हें ऐसी जोरदार टक्कर मारी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और मनोज सड़क पर लहूलुहान होकर गिर पड़े। टक्कर मारने वाला ड्राइवर इतना बेरहम था कि उसने रुककर देखना भी मुनासिब नहीं समझा और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
अस्पताल में थमीं सांसें, घर में मचा कोहराम
आनन-फानन में घायल मनोज को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की पूरी टीम उन्हें बचाने में जुटी रही। लेकिन विधि का विधान कुछ और ही था; शनिवार की देर रात इलाज के दौरान मनोज ने दम तोड़ दिया।
जैसे ही रविवार की सुबह यह खबर रोशनगंज गाँव पहुँची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मनोज अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे। सोचिए उस माँ (जादी देवी) पर क्या बीत रही होगी जिसका जवान बेटा दुनिया छोड़ गया, और उस पत्नी (मनीषा) का क्या हाल होगा जिसकी मांग का सिंदूर इस सड़क हादसे ने उजाड़ दिया। परिजनों के करुण क्रंदन से सुदनीपुर से लेकर रोशनगंज तक का माहौल गमगीन हो गया है।
पुलिस की कार्रवाई और उठते सवाल
- आज रविवार की सुबह करीब 9 बजे रौनापार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। लेकिन सवाल वही है— आखिर इन अज्ञात वाहनों पर लगाम कब लगेगी? क्या उन तेज रफ्तार ड्राइवरों को किसी की जान की कोई कीमत नहीं मालूम?
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