आजमगढ़: चुनाव कार्य में लापरवाही पर DM का हंटर, बीएलओ निलंबित; सगड़ी के बूथों पर औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप
Admin
रिपोर्टर, द पब्लिक एक्सप्रेस
आजमगढ़: चुनाव कार्य में लापरवाही पर DM का 'चाबुक', सगड़ी में BLO निलंबित; अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
सगड़ी/आजमगढ़ : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य पूरी पारदर्शिता और तेजी के साथ किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को आजमगढ़ के जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार ने सगड़ी तहसील के विभिन्न मतदेय स्थलों (बूथों) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्य में लापरवाही और शिथिलता बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक बीएलओ (BLO) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। जिलाधिकारी की इस तल्ख कार्रवाई ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल पैदा कर दी है।
बूथ संख्या 310 पर मिली भारी लापरवाही, बीएलओ सस्पेंड
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार जब प्राथमिक विद्यालय कस्बा सगड़ी के बूथ संख्या 308, 309 और 310 पर पहुंचे, तो वहां अव्यवस्था और कार्य में देरी देख वे बिफर पड़े। बूथ संख्या 310 पर तैनात बीएलओ जीयूत राम द्वारा नोटिस वितरण का कार्य अधूरा पाया गया। जांच में सामने आया कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी शत-प्रतिशत नोटिसों का तामिला नहीं कराया गया था। सरकारी दायित्वों के निर्वहन में इस बड़ी चूक को जिलाधिकारी ने अनुशासनहीनता माना और मौके पर ही संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया कि लापरवाह बीएलओ जीयूत राम को तत्काल निलंबित किया जाए।
"बहानेबाजी नहीं चलेगी": डीएम ने सिखाया काम का तरीका
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुपरवाइजरों और बीएलओ को सख्त लहजे में हिदायत दी कि निर्वाचन जैसा महत्वपूर्ण कार्य प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नोटिस वितरण में यह बहाना नहीं चलेगा कि मतदाता घर पर मौजूद नहीं था। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए, "यदि संबंधित व्यक्ति घर पर नहीं मिलता है, तो परिवार के किसी वयस्क सदस्य को नोटिस उपलब्ध कराएं और उसका तामिला प्राप्त करें।" उन्होंने जोर दिया कि निर्वाचन नामावली में शुद्धता और पारदर्शिता तभी आएगी जब हर पात्र व्यक्ति तक सूचना समय से पहुंचेगी।
युवा मतदाताओं पर फोकस: फॉर्म-6 भरने में तेजी के निर्देश
जिलाधिकारी ने बीएलओ को निर्देशित किया कि जो युवा 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं, उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक युवाओं का फॉर्म-6 भरवाना सुनिश्चित करें ताकि लोकतंत्र के इस महापर्व में नई पीढ़ी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने जीयनपुर के बूथ संख्या 319, 320 और 321 का भी भ्रमण किया, जहाँ कार्य संतोषजनक मिलने पर उन्होंने बीएलओ की प्रशंसा भी की।
क्यों जरूरी है मतदाता पुनरीक्षण?
मतदाता सूची किसी भी लोकतंत्र की बुनियाद होती है। यदि सूची में त्रुटियां हों या पात्र मतदाताओं के नाम छूटे हों, तो यह निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की यह सख्त कार्रवाई दर्शाती है कि शासन स्तर पर एक-एक वोट की कीमत समझी जा रही है। बीएलओ स्तर पर होने वाली छोटी सी लापरवाही किसी नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित कर सकती है। 'द पब्लिक एक्सप्रेस' अपने पाठकों से अपील करता है कि वे स्वयं भी जागरूक बनें और मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य चेक करें।
इस खबर को शेयर करें: