Politics
•
15 May 2026, 08:45
•
👁️ 6 व्यूज
महंगाई अब निकालेगी जनता का तेल! पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े
A
Admin
रिपोर्टर, द पब्लिक एक्सप्रेस
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध जैसे हालात का असर अब सीधे भारत की जनता पर पड़ रहा है। पेट्रोल और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर तक बढ़ गए हैं, जिससे महंगाई की नई मार शुरू होने का डर बढ़ गया है।
तेल ने तोड़ी जनता की कमर! पेट्रोल-डीजल फिर महंगा, पश्चिम एशिया की जंग का भारत पर वार
देश में महंगाई से पहले ही परेशान जनता को अब एक और बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल कंपनियों ने प्रति लीटर करीब ₹3 तक दाम बढ़ा दिए हैं, जिसके बाद आम आदमी की जेब पर सीधा हमला माना जा रहा है।
इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आग की तरह भड़क रही हैं और उसका धुआं अब भारत की सड़कों तक पहुंच चुका है।
पश्चिम एशिया की आग, भारत में महंगाई का धमाका
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात बनने के कारण तेल सप्लाई पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। खास तौर पर Strait of Hormuz को लेकर दुनिया भर के बाजारों में बेचैनी बढ़ गई है। यही रास्ता दुनिया के बड़े हिस्से तक तेल पहुंचाने का सबसे अहम मार्ग माना जाता है।
तनाव बढ़ते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से ऊपर चली गईं। कई जगहों पर कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की खबरें सामने आईं। भारत चूंकि अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए इसका सीधा असर यहां की जनता पर पड़ा।
अब हर सफर पड़ेगा महंगा
नई कीमतों के बाद अब बाइक चलाना हो, कार से ऑफिस जाना हो या ट्रक से सामान ढुलाई—हर चीज महंगी होने वाली है। पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ेगा और फिर रोजमर्रा के सामान की कीमतें भी ऊपर जाएंगी।
यानी आने वाले दिनों में सब्जी, दूध, राशन और ऑनलाइन डिलीवरी तक सब कुछ महंगा हो सकता है। आम आदमी के लिए यह सिर्फ तेल की कीमत नहीं, बल्कि पूरे घर के बजट पर हमला माना जा रहा है।
सरकार पर बढ़ेगा दबाव
ईंधन की कीमतें बढ़ते ही विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले कीमतें कम थीं तब जनता को राहत क्यों नहीं मिली और अब अचानक बोझ क्यों बढ़ा दिया गया।
उधर आर्थिक जानकार चेतावनी दे रहे हैं कि अगर पश्चिम एशिया का संकट लंबा खिंचा तो आने वाले समय में कीमतें और भी बढ़ सकती हैं। इससे महंगाई दर पर बड़ा असर पड़ सकता है।
जनता के सामने सबसे बड़ा सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह बढ़ोतरी यहीं रुकेगी या आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल 100 रुपये से और ऊपर जाएगा? क्योंकि अगर कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो आने वाले हफ्तों में जनता को और बड़े झटके झेलने पड़ सकते हैं।
इस खबर को शेयर करें: