🏠 होम 🏆 लीडरबोर्ड 📝 रिपोर्टर लॉगिन ℹ️ हमारे बारे में 📧 संपर्क करें
द प

द पब्लिक एक्सप्रेस

मायावती पर विवादित गीत का मामला: आजमगढ़ समेत कई जिलों में गायिका रुचि यादव के खिलाफ FIR की मांग, माफी के बाद भी तूल दे रहे कुछ लोग
Politics 13 Feb 2026, 17:41 👁️ 1 व्यूज

मायावती पर विवादित गीत का मामला: आजमगढ़ समेत कई जिलों में गायिका रुचि यादव के खिलाफ FIR की मांग, माफी के बाद भी तूल दे रहे कुछ लोग

A

Admin

रिपोर्टर, द पब्लिक एक्सप्रेस

मायावती पर विवादित गीत को लेकर बसपा कार्यकर्ताओं ने रुचि यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आजमगढ़ और अन्य जिलों में FIR की मांग तेज, वहीं कुछ लोग इसे निजी स्वार्थ के लिए तूल देने का आरोप लगा रहे हैं।
आजमगढ़/लखनऊ (द पब्लिक एक्सप्रेस): उत्तर प्रदेश की लोकगायिका रुचि यादव का एक होली गीत इन दिनों बड़े विवाद का कारण बन गया है। बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल से आक्रोशित बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कार्यकर्ताओं ने आजमगढ़, प्रतापगढ़ और मऊ सहित प्रदेश के कई हिस्सों में गायिका के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग तेज कर दी है। कार्यकर्ताओं ने दी तहरीर, गिरफ्तारी पर अड़े आजमगढ़ और आसपास के जिलों में बसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्थानीय थानों में तहरीर देकर कड़ी आपत्ति जताई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि दलित समाज की आदर्श नेता का अपमान है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पुलिस तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करे। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। गायिका ने मांगी माफी, गलती का अहसास विवाद के तूल पकड़ते ही रुचि यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था और वह अपनी गलती स्वीकार करती हैं। गायिका के इस कदम के बाद एक बड़ा वर्ग उनके समर्थन में भी आया है। "चेहरा चमकाने" के लिए मुद्दे को हवा देने का आरोप क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और सोशल मीडिया के एक बड़े वर्ग का मानना है कि जब गायिका को अपनी गलती का अहसास हो गया है और उन्होंने सार्वजनिक माफी मांग ली है, तो अब इस मामले को बेवजह तूल नहीं दिया जाना चाहिए। चर्चा यह भी है कि कुछ लोग अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने और अपना "चेहरा चमकाने" के लिए इस मुद्दे को जबरन सोशल मीडिया पर भड़का रहे हैं। जागरूक लोगों का कहना है कि व्यक्तिगत लाभ के लिए समाज में वैमनस्य फैलाना गलत है और इसे एक कलाकार की मानवीय भूल मानकर समाप्त कर देना चाहिए। फिलहाल, गेंद पुलिस के पाले में है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कार्यकर्ताओं की FIR की मांग पर क्या कदम उठाता है या फिर मामले को आपसी सुलह के जरिए शांत किया जाता है।

इस खबर को शेयर करें:

संबंधित खबरें