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बेटियों की उपलब्धियों पर राज्यपाल ने कहा- बेटियां आगे बढ़ रहीं, बेटे क्या कर रहे हैं?
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|📅 11 Aug 2026, 10:36 PM|👁️ 31|📍 Azamgarh
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, 74 टॉपर्स को मिले 88 मेडल
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में मंगलवार को पहुंचीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बेटियों की शैक्षिक उपलब्धियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं, लेकिन सवाल यह है कि बेटे क्या कर रहे हैं? राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि बदलती दुनिया और तेजी से विकसित होती तकनीक के दौर में लगातार सीखते रहना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर राज्यपाल का भव्य स्वागत किया गया। कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने राज्यपाल के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद राज्यपाल दीक्षांत समारोह के मंच पर पहुंचीं और कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की।
बेटियों की सफलता पर जताई खुशी
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे निकल रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से सवाल करते हुए कहा कि जब बेटियां इतनी मेहनत कर आगे बढ़ रही हैं तो बेटे क्या कर रहे हैं, उन्हें भी अपनी क्षमता और मेहनत से आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित न रहने की सलाह दी। राज्यपाल ने कहा कि सीखने की प्रक्रिया जीवनभर चलती रहती है और जो व्यक्ति लगातार सीखता रहता है, वही बदलते समय के साथ आगे बढ़ सकता है।
अभ्यास और अनुशासन को बताया सफलता का मंत्र
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र देते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और अनुशासन व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है। तकनीक के साथ काम करने के तरीके भी बदल रहे हैं और ज्ञान के नए आयाम सामने आ रहे हैं।
ऐसे समय में विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वे खुद को समय के साथ अपडेट करते रहें। राज्यपाल ने कहा कि परिस्थितियां और तकनीक बदल सकती हैं, लेकिन एक बात हमेशा समान रहेगी कि जो सीखेगा, वही आगे बढ़ेगा और वही जीतेगा।
चुनौती से घबराएं नहीं, समाधान खोजें
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका समाधान खोजने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति चुनौती के सामने खड़े होकर उसका समाधान तलाशने का साहस रखता है, उसके लिए वही चुनौती आगे चलकर अवसर बन जाती है।
मेधावी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सीखने की क्षमता कभी खत्म नहीं होनी चाहिए। जीवन को एक विश्वविद्यालय बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि इंसान को हर दिन कुछ नया सीखने का अवसर मिलता है।
74 टॉपर्स को मिले 88 मेडल
दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने टॉपर्स को प्रशस्ति पत्र प्रदान करने के साथ ही उनके गले में मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
समारोह में 74 टॉपर्स को कुल 88 मेडल प्रदान किए गए। इनमें 20 कुलाधिपति पदक और 68 कुलपति पदक शामिल हैं। खास बात यह रही कि मेडल पाने वालों में छात्राओं की संख्या छात्रों से काफी अधिक रही। कुल मेडल पाने वालों में 26 छात्र और 48 छात्राएं शामिल रहीं।
इसके अलावा समारोह में 11 स्नातक और 63 परास्नातक विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई।
पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने भी साझा किए अनुभव
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने जीवन और अनुभवों से जुड़ी बातें विद्यार्थियों के साथ साझा कीं और उन्हें अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। राज्यपाल के संबोधन में शिक्षा, अनुशासन, निरंतर सीखने और बदलती तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलने पर विशेष जोर रहा।
बेटियों की बढ़ती हिस्सेदारी बनी समारोह की खास तस्वीर
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में जिस तरह 48 छात्राओं ने मेडल हासिल किए, जबकि छात्रों की संख्या 26 रही, उससे उच्च शिक्षा में बेटियों की बढ़ती भागीदारी की तस्वीर भी सामने आई। राज्यपाल ने इसी उपलब्धि को रेखांकित करते हुए बेटों को भी मेहनत और शिक्षा के क्षेत्र में आगे आने का संदेश दिया।
जितेंद्र यादव | संपादक द पब्लिक एक्सप्रेस
जितेंद्र यादव पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के कई प्रतिष्ठित संस्थानों के लिए काम करते हुए जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है। स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, राजनीति, प्रशासन और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को करीब से कवर करने का उनका लंबा अनुभव है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक तस्वीर सामने रखना और जनता की आवाज को जिम्मेदारी के साथ उठाना है।