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राजनीति

Azamgarh News: लालगंज में 'मौत के सौदागरों' पर छापा! बच्चे की जान लेने वाला अस्पताल सीज, ANM बनी थी 'डॉक्टर'

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लालगंज: कहीं आप भी तो नहीं जा रहे 'मौत' के अस्पताल में? आजमगढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने दो 'मुन्नाभाई' अस्पतालों का भंडाफोड़ किया है। एक जगह एएनएम बनी थी डॉक्टर, तो दूसरी जगह अनाड़ी स्टाफ ने ले ली बच्च

आजमगढ़ (Azamgarh)। जिले में इलाज के नाम पर 'मौत की दुकानें' सजाने वालों पर स्वास्थ्य विभाग का चाबुक चला है। लालगंज (Lalganj) क्षेत्र में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो ऐसे अस्पतालों का भंडाफोड़ किया है, जो मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे थे। एक अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे की मौत का मामला सामने आया है, जबकि दूसरे को एक एएनएम (ANM) डॉक्टर बनकर चला रही थी। मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. एन.आर. वर्मा के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. आलेन्द कुमार और लालगंज अधीक्षक डॉ. ए.आर. सिंह की संयुक्त टीम ने दोनों अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से सीज (Sealed) कर दिया है। 1. गीता चाइल्ड सेंटर: जहां बच्चे की जान गई टीम ने जब गीता चाइल्ड सेंटर (Geeta Child Center) पर छापा मारा, तो वहां की हकीकत बेहद डरावनी थी। बच्चे की मौत: जांच में पता चला कि इसी अस्पताल में उपचार के दौरान एक मासूम बच्चे की जान चली गई थी। बिना डॉक्टर का अस्पताल: अस्पताल पूरी तरह अपंजीकृत (Unregistered) था। वहां कोई भी योग्य एमबीबीएस डॉक्टर मौजूद नहीं था। पूरा अस्पताल अप्रशिक्षित और अकुशल स्टाफ के भरोसे चल रहा था। FIR के आदेश: मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने इस अस्पताल संचालक के खिलाफ थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। 2. आरती नर्सिंग होम: ANM बनी 'डॉक्टर' दूसरी कार्रवाई आरती नर्सिंग होम (Aarti Nursing Home) पर हुई। यहां निरीक्षण में पाया गया कि अस्पताल का संचालन एक निजी एएनएम (Auxiliary Nurse Midwife) द्वारा किया जा रहा था। एएनएम खुद ही डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज कर रही थी। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सीज करते हुए संबंधित एएनएम को नोटिस जारी किया है और पूछा है कि आखिर किन परिस्थितियों में और किस अधिकार से वह अस्पताल चला रही थी। "बख्शे नहीं जाएंगे जान से खेलने वाले" सीएमओ डॉ. एन.आर. वर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना पंजीकरण और बिना योग्य डॉक्टरों के चल रहे अस्पतालों (Quacks) को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। यह भी पढ़ें ...👉Azamgarh News: आजमगढ़ में चल रही थी 'मौत की दुकान'? स्वास्थ्य विभाग की रेड से हड़कंप, नव जीवन हॉस्पिटल का OT सील 

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