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Photo: Big action by Irrigation Department on Mahula Garhwal flood dam, encroachment removed with JCB
विकास

महुला गढ़वल बंधे पर सिंचाई विभाग की बड़ी कार्रवाई, जेसीबी से हटाया अतिक्रमण

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| | 👁️ 25 | 📍 सगड़ी

महुला गढ़वल बंधे पर वर्षों से किए गए अवैध अतिक्रमण को सिंचाई विभाग ने जेसीबी और पुलिस बल की मदद से हटाकर बंधे को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया।

आजमगढ़ - आजमगढ़ जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र नौनीजोर अभनपट्टी स्थित महुला गढ़वल बंधे पर गुरुवार को सिंचाई विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने जेसीबी मशीन लगाकर बंधे पर कई सालों से हो रहे अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह से हटाकर बंधे को अतिक्रमण मुक्त कर दिया। यह बंधा इस पूरे क्षेत्र के लिए लाइफ लाइन माना जाता है, क्योंकि हर साल घाघरा नदी के बढ़ने पर यही बंधा हजारों ग्रामीणों, किसानों और उनके घरों को डूबने से बचाता है। दो तरफ से चढ़ने में होती थी दिक्कत, कई बार हुआ हादसा ग्रामीणों ने बताया कि बंधे पर दोनों तरफ से अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर लिया था। बंधे की पटरियों पर टीन शेड और अस्थायी दुकानें लगा दी गई थी, जिससे बंधे की चौड़ाई आधी रह गई थी। स्थिति यह थी कि इस पर दो तरफ से चढ़ने में भी काफी दिक्कत होती थी। ट्रैक्टर, बाइक और पैदल आने जाने वाले लोगों को रोज जाम का सामना करना पड़ता था। संकरा रास्ता होने के कारण कई बार यहां एक्सीडेंट भी हो चुका है, जिसमें कई लोग घायल हो चुके हैं। रमेश सिंह की IGRS शिकायत पर जागा विभाग इस पूरे मामले में अहम भूमिका रही नौनीजोर निवासी रमेश सिंह की, जिन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल IGRS पर इस अतिक्रमण की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर शासन स्तर से इस मामले को गंभीरता से लिया गया। IGRS पर शिकायत में रमेश सिंह ने स्पष्ट लिखा था कि महुला गढ़वल बंधा बाढ़ ग्रस्त एरिया में है और इस पर अतिक्रमण के कारण आम जनमानस को आने जाने में दिक्कत हो रही है और कई बार दुर्घटना हो चुकी है। शिकायत पर सिंचाई विभाग ने जांच की, जांच में शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद विभाग ने अतिक्रमणकारियों को कई बार नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने को कहा। लेकिन अतिक्रमणकारियों ने नोटिस को नजरअंदाज कर दिया। पुलिस बल के साथ पहुंची टीम, चला बुलडोजर अंत में आज सिंचाई विभाग की टीम पुलिस बल के साथ जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची और पूरे बंधे को अतिक्रमण मुक्त कर दिया। बंधे पर लगे सभी अस्थायी निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। सिंचाई विभाग के अधिकारी ने बताया कि महुला गढ़वाल बंधा शासन की प्राथमिकता में है। इस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बंधे पर दो तरफ से चढ़ना होता है इसलिए दोनों तरफ का रास्ता हमेशा खाली रखा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी ने दोबारा कब्जा करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा और बंधा सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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